दिल्ली-मेरठ और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बाइक ले जाने पर एफआईआर दर्ज होने की खबरें गलत हैं. गाजियाबाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल चालान, लाइसेंस सस्पेंशन और वाहन जब्त किया जाएगा.

हाइलाइट्स
- गाजियाबाद प्रशासन ने FIR की खबर को गलत बताया.
- बाइक ले जाने पर केवल चालान, लाइसेंस सस्पेंशन और वाहन जब्त होगा.
- नागरिकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई.
नई दिल्ली. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित दोपहिया वाहनों यानी स्कूटर या बाइक को ले जाने पर प्रशासन द्वारा चालान के साथ ही एफआईआर दर्ज करने की खबर खूब वायरल हो रही है. लेकिन, अब गाजियाबाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है और न ही दोनों एक्सप्रेसवे पर बाइक या स्कूटर ले जाने पर एफआईआर दर्ज की जा रही है. गौरतलब है कि दो-तीन दिन से ऐसी खबरें आ रही थी कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर पर दोपहिया वाहन चलाने पर न केवल चालान काटा जाएगा, बल्कि वाहन चालक के खिलाफ पुलिस मुकद्दमा भी भी दर्ज करेगी.
अपर जिलाधिकारी (नगर) गाजियाबाद गंभीर सिंह ने बताया कि इन एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित दोपहिया वाहनों को ले जाने पर यातायात पुलिस नियमानुसार चालान, लाइसेंस सस्पेंशन और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई कर सकती है, लेकिन एफआईआर दर्ज करने का कोई नियम नहीं है. इन खबरों को गलत बताते हुए एडीएम (नगर) गाजियाबाद गंभीर सिंह ने कहा कि यह खबर पूरी तरह गलत है और इसमें कानूनी प्रक्रिया को लेकर भ्रम उत्पन्न किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में केवल यातायात नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें चालान काटना, लाइसेंस निलंबित करना और वाहन जब्त करना शामिल है.