Tamilnadu News: तमिलनाडु के रामनाथपुरम में मस्जिद की मीनार पर लगे ‘अल्लाहु अकबर’ बोर्ड को तिरपाल से ढकने पर विवाद हुआ. मस्जिद जमात ने इसे निर्माण कार्य का हिस्सा बताया, जबकि SDPI ने इसे मजबूरी कहा.

हाइलाइट्स
- मस्जिद के बोर्ड को तिरपाल से ढकने पर विवाद
- जमात ने इसे निर्माण कार्य का हिस्सा बताया
- विवाद के बाद तिरपाल हटा दिया गया
चेन्नई: तमिलनाडु में चुनावी बिगुल बज चुका है. यहां की हवा में अब राजनीति बहने लगी है. भाषा विवाद के बीच तमिलनाडु के रामनाथपुरम में एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है. रामनाथपुरम में एक मस्जिद की मीनार पर दो शब्द लिखे हुए थे, जिसे तिरपाल से ढक दिया गया. इसके बाद राज्य में नया विवाद शुरू हो गया. कुछ लोग इसे अब मजहबी रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन मस्जिद के जमात ने ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया है.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार रामनाथपुरम में एक मस्जिद की मीनार पर लगे ‘अल्लाहु अकबर’ लिखे एलईडी बोर्ड को तिरपाल से ढकने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कुछ लोग इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 अप्रैल को प्रस्तावित यात्रा से जोड़ रहे हैं. लेकिन मस्जिद के जमात ने उन तमाम लोगों को अपने जवाब से मुंह बंद कर दिया है.
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विवाद के बाद हटाया गया तिरपाल
मस्जिद के जमात ने दावा किया कि उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों के तहत बोर्ड को ढक दिया है. लेकिन SDPI ने कहा कि जमात को बोर्ड को ढकने के लिए मजबूर किया गया था. हालांकि विवाद के बाद दो घंटे के भीतर तिरपाल हटा दिया गया. बोर्ड को रमज़ान के दौरान मस्जिद की मिनार पर 50 फीट की ऊंचाई पर लगाया गया था. 16 मार्च को मंडपम पुलिस ने एक समन जारी किया जिसमें कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए डिस्प्ले बोर्ड को इतनी ऊंचाई पर लगाया गया है.
पुलिस ने समन में दिया ये तर्क
पुलिस ने समन में कहा था कि बोर्ड को इतनी ऊंचाई पर लगाने के लिए जुमा मस्जिद को पुलिस विभाग और जिला कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी. पुलिस ने इसे लगाने पर आपत्ति जताई और कहा कि समुद्र से देखने पर बोर्ड लाइटहाउस जैसा दिखता है और इससे नेविगेशन में समस्या होगी.
मस्जिद के सचिव ए सैयद मोहम्मद ने कहा कि चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बोर्ड को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए तिरपाल का उपयोग करके कवर किया गया था. उन्होंने कहा, “किसी ने हमें ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया.” वहीं घटना की निंदा करते हुए SDPI के राज्य महासचिव मोहम्मद नववी ने कहा, “यह घटना हमें उत्तर भारत में होली के त्यौहार के लिए मस्जिदों को तिरपाल से ढकने की घटनाओं की याद दिलाती है.”