अरुणाचल में पलायन के बदले घर वापसी, पीएम मोदी का ‘फर्स्ट विलेज’ मास्टरस्ट्रोक बना गेमचेंजर

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प्रधानमंत्री मोदी के फर्स्ट विलेज कांसेप्ट से अरुणाचल प्रदेश में पलायन रुका और पर्यटन बढ़ा है. नई नीति से विदेशी पर्यटकों में 300% वृद्धि हुई है.

'पीएम मोदी के प्लान से पलटा खेल, चीन के इरादे फेल! अरुणाचल में लौटने लगे लोग

हाइलाइट्स

  • प्रधानमंत्री मोदी के फर्स्ट विलेज कांसेप्ट से पलायन रुका और पर्यटन बढ़ा.
  • अरुणाचल में विदेशी पर्यटकों की संख्या 300% बढ़ी.
  • सीमावर्ती इलाकों में रोड कनेक्टिविटी में सुधार हुआ.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फर्स्ट विलेज कांसेप्ट का असर दिखने लगा है. ऐसा दावा चंगथन रीजन में रहने वाले लोग कर रहे हैं. अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन मामलों के मंत्री पासंग दोरजी सोना ने न्यूज 18 इंडिया से खास बातचीत में बताया कि केन्द्र सरकार ने भारत के बार्डर के गांवो को विकसित करने के लिए वाइब्रेंट विलेज का कांसेप्ट लाया था, उसका असर दिख रहा है. पर्यटन मंत्री ने दावा किया कि हाल के दिनों में लगभग 10 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो अपने गांव की ओर वापस आए हैं. उन्होंने कहा कि इससे गांव का विकास हो रहा है और पलायन को लेकर लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है.

विदेशी पर्यटक भी सीमावर्ती इलाके में
पर्यटन मंत्री पासंग दोरजी ने बताया कि अरुणाचल में आने के लिए इनर लाइन परमिट की जरूरत होती है. इसके नियमों में भी काफी बदलाव किया गया है. उन्होंने दावा किया कि इससे देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा होगा. इसके साथ ही गांव के इलाकों में रोड कनेक्टिविटी पर काफी काम किया गया है. जिसका असर यह है कि सीमावर्ती इलाकों में भी अब आसानी से जाया जा सकता है.

दस गुने अधिक हो सकते हैं पर्यटक
पासंग दोरजी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की नई पर्यटन नीति लागू होने के बाद इस बात के आसार हैं कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो जाएगी. इसके साथ ही घरेलू पर्यटकों से अलग अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में दस गुना बढ़ोतरी की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि नई पर्यटन नीति का मुख्य उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना है. इसके प्राचीन परिदृश्य, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अद्वितीय जैव विविधता को संरक्षित करना है. पासंग दोरजी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में विदेशी पर्यटकों का आगमन (एफटीए) 2023 में 300% बढ़कर 4,496 हो गया, जबकि घरेलू पर्यटक आगंतुक (डीटीवी) 2022 में 368.91% बढ़कर 1.04 मिलियन हो गए.

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चीन के नक्शे में नाम बदलने से कोई असर नहीं
पर्यटन मंत्री पासंग दोरजी ने कहा कि अपने नक्शे में अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदलकर चीन दुनिया भर में अपना मजाक बना रहा है. चीन की इस हरकत का जवाब देने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है. उन्होंने कहा मैं जिस इलाके से आता हूं वहां का भी नाम चीन ने अपने नक्शे में बदला है. लेकिन इससे कुछ नहीं होता.अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा. अरुणाचल प्रदेश के लोग देशभक्त हैं. अरुणाचल के सीमावर्ती इलाकों में भी लोग अच्छी हिंदी बोलते और जय हिंद बोलते दिखेंगे. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीमावर्ती इलाकों के गांवों को विकसित कर रहे हैं.

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