रूस-अमेरिका के वॉरशिप बंगाल की खाड़ी में, सवाल उठना लाजमी है, दोनों इस इलाके में आखिर कर क्या रहें हैं?

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INDIA-US-RUSSIAN NAVY: हिंद महासागर आर्थिक और सामरिक तौर पर दुनिया भर के देशों के लिए महत्वपूर्ण है. इस इलाके में भारत का दबदबा है. भारतीय नौसेना इस इलाके को डॉमिनेट करती है. दुनिया के सभी देश भारत के साथ नौसैन…और पढ़ें

रूस-अमेरिका के वॉरशिप बंगाल की खाड़ी में, दोनों इस इलाके में कर क्या रहें?

हाइलाइट्स

  • भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास इंद्रा-2025 समाप्त हुआ.
  • भारत-अमेरिका ट्राई सर्विसेज अभ्यास टाइगर ट्रायम्फ शुरू हुआ.
  • बंगाल की खाड़ी में भारत का दबदबा.

INDIA-US-RUSSIAN NAVY: रूस यूक्रेन और इजरायल हमास की जंग ने दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया. एक को इस्टर्न ब्लॉक तो दूसरे को वेस्टर्न बलॉक कहा जाने लगा है. वेस्टर्न ब्लॉक को अमेरीका लीड करता है तो इस्टर्न ब्लॉक को रूस. दोनों देशों के बीच दुश्मनी दशकों पुरानी है. लेकिन दोनों का एक दोस्त कॉमन है. वह है भारत. तमाम तनाव के बावूजद दोनों देश एक समय एक ही जगह पर अपने वॉरशिप के साथ मौजूद है. रूस के साथ इस्टर्न नेवल कमांड ने बंगाल की खाड़ी में अभ्यास इंद्रा -2025 को खत्म किया. विशाखात्तनम में अमेरिका के साथ एंफिबियस ट्राई सर्विसेज अभ्यास टाइगर ट्रायम्फ-2025 की शुरूआत की.

भारत-रूस की नौसेना ने दिखाया दम
भारतीय और रूसी नौसैनिकों के बीच नौसैन्य अभ्यास इंद्रा-2025 का समापन हो गया. यह साझा अभ्यास का 14वां संस्करण था. यह अभ्यास 28 मार्च से 02 अप्रैल तक चेन्नई तट के पास बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया. भारत और रूस के बीच सामरिक रिश्तों का इतिहास दशकों पुराना है. इस अभ्यास की शुरूआत साल 2003 में हुई थी. तब से यह दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग का एक प्रतीक बन गया है. अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया गया. पहला हार्बर फेज जो कि 28 से 30 मार्च तक चला. इसमें अभ्यास की रणनीति तैयार की गई. दूसरा सी फेज 31 मार्च से 02 अप्रैल तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया. इस अभ्यास में रूस की तरफ रशियन फेड्रेशन नेवल शिप पिचांगा, रेजकी और आल्दार त्सिदेंझापोव ने हिस्सा लिया. तो भारत की तरफ से INS राणा, INS कुथर और मेरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट P8I ने हिस्सा लिया. सी फेज में एडवांस नेवल ड्रिल, जिसमें टैक्टिकल मैन्युवर, लाइव वेपन फायरिंग, एंटी एयर ऑपरेशन, समंदर में आपूर्ति, हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक लैंडिंग और समुद्र-राइडर्स जैसे ड्रिल का अभ्यास किया. यह अभ्यास दोनो देशों के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, एक दूसरे की युद्धक क्षमता और रणनीति को साझा करने का एक बहुत बड़ा जरिया है.

अमेरिका के साथ ट्राई सर्विसेज HADR अभ्यास शुरू
मानसून से पहले भारत और अमेरिका समंदर में राहत बचाव के काम की तैयारियों को अमलिजामा पहनाने में जुटे हैं. एक्सरसाइज टाइगर ट्रायम्फ-2025 की शुरूआत हो चुकी है. यह अभ्यास 1 अप्रैल से शुरू हुआ जो कि 13 अप्रैल तक जारी रहेगा. इस अभ्यास का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू है कि दोनों देशों के बीच कंबॉइंड कॉर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने के लिए दिशा निर्देश तैयार करना है. ताकि किसी भी आपदा के दौरान रियेक्शन टाइम कम हो सके. इस अभ्यास में भारतीय नौसेना की तरफ से INS जलश्वा, INS घड़ियाल, INS मुंबई और INS शक्ति के साथ हेलीकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट भी शामिल होंगे. इसके अलावा लॉन्ग रेंज मरीन पेट्रोल एयरक्राफ्ट P8I, भारतीय थल सेना के 91 इंफैंट्री ब्रिगेड और 12 मेक इन्फैंट्री बटालियन के सैनिक हिस्सा ले रहे है. एयर फोर्स के C-130 एयरक्राफ्ट और MI-17 हेलीकॉप्टर और रैपिड एक्शन मेडिकल टीम (RAMT) भीअपना दमखम दिखाने को तैयार है. अमेरिका की तरफ से US नेवी शिप कॉमस्टॉक और राल्फ जॉन्सन के साथ साथ अमेरिकी मरीन डिवीजन के सैनिक हिस्सा ले रहें हैं. अभी 7 अप्रैल तक हार्बर फेज में राहत बचाव की रणनीति तैयार होगी. इसके बाद समंदर में उसी के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा. इस अभ्यास के दौरान भारतीय सेना और अमेरिकी मरीन काकिनाडा नेवल एन्क्लेव में एक ज्वाइंट कमांड और कंट्रोल सेंटर को स्थापित किया जाएगा.

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