संभल जामा मस्जिद दीवार रंगाई मामले में SC पहुंचे मौलाना, CJI खन्‍ना ने एक ना सुनी, बोले- पहले हाईकोर्ट जाओ और…

Uncategorized

Sambhal Controversy Supreme Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मौलाना की याचिका खारिज की. हाईकोर्ट ने एएसआई को संभल की शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगरोगन का आदेश दिया थ…और पढ़ें

पहले HC जाओ…संभल मस्जिद दीवार रंगाई मामले में CJI ने मौलानाओं की एक ना सुनी

हाइलाइट्स

  • संभल जामा मस्जिद में रंगाई पुताई के आदेश को चैंलेंज किया गया.
  • सुप्रीम कोर्ट का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला पलटने से इनकार.
  • CJI ने कहा कि HC का आदेश भ्रमित करने वाला है तो उसे ठीक करवाइये.

नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश की संभल जामा मस्जिद के बाहरी हिस्‍से पर रंगाई-पुताई के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका लेकर आज मौलाना सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. याचिका लगाकर कहा गया कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है. इस मामले में चीफ जस्टिस संजीव खन्‍ना की बेंच ने मौलानाओं का पक्ष सुना. जिसके बाद सीजेआई ने कहा कि अगर यह आदेश भ्रमित करने वाला है तो अपनी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हाईकोर्ट के पास जाओ और स्थिति को स्‍पष्‍ट करो. देश की सवोच्‍च अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मार्च को संभल की शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगरोगन करने का एएसआई को आदेश दिया था. कहा गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को संभल में शाही जामा मस्जिद के बाहरी हिस्से की सफेदी कराए. मस्जिद समिति इस कार्य पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति करे. याचिकाकर्ता के वकील वरूण सिन्हा ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है. इसपर सीजेआई की तरफ से कहा गया कि आप पहले  हाईकोर्ट जाएं. हाईकोर्ट के आदेश में जो भ्रमित करने वाली बात हैं उन्‍हें दूर करने के लिए कहें. हम याचिका खारिज कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने गलती वाली याचिका को भी ठुकराया
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए सीजेआई की बेंच ने कहा कि ना सिर्फ इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि हाईकोर्ट ने एएसआई को मस्जिद समिति से खर्च वसूलने की अनुमति देकर कानूनी त्रुटि की है.

संबंधित खबरें

क्‍या की गई थी मांग?
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा गया था कि इस विवादित स्थल के रंगोरोगन की मांग पर आदेश उचित नहीं है. लिहाजा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए. कहा गया था कि क्या भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई को हरिहर मंदिर, संभल जैसे स्मारकों या विवादित ढांचे के रखरखाव के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जिसपर जामा मस्जिद, संभल की प्रबंधन समिति के अवैध कब्जा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *